Debit Card Benefits: अधिकांश लोग डेबिट कार्ड को सिर्फ कैश निकालने या ऑनलाइन भुगतान के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को यह पता होता है कि कई बैंक अपने डेबिट कार्ड के साथ मुफ्त बीमा कवर भी देते हैं। यह बीमा कवर 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक हो सकता है। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए कार्डधारक को कोई अलग से प्रीमियम नहीं देना पड़ता। यह सुविधा बैंक की ओर से कॉम्प्लिमेंट्री इंश्योरेंस के रूप में दी जाती है।
किन बैंकों में मिलती है यह सुविधा?
देश के कई प्रमुख बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और DBS बैंक इंडिया अपने डेबिट कार्ड धारकों को यह लाभ देते हैं। यह बीमा आमतौर पर ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत होता है। इसका मतलब है कि हर ग्राहक को अलग से पॉलिसी नंबर नहीं दिया जाता। बल्कि बैंक की सामूहिक पॉलिसी में सभी पात्र कार्डधारक शामिल होते हैं।
किन मामलों में मिलता है कवर?
डेबिट कार्ड पर मिलने वाला बीमा अलग-अलग प्रकार का हो सकता है। इसमें मुख्य रूप से:
- पर्सनल एक्सीडेंट कवर
- एयर एक्सीडेंट कवर
- कार्ड फ्रॉड प्रोटेक्शन
- कुछ मामलों में परचेज प्रोटेक्शन
शामिल हो सकते हैं। हालांकि हर बैंक की शर्तें अलग हो सकती हैं।
एक्टिव कार्ड होना क्यों जरूरी है?
सबसे अहम शर्त यह है कि आपका डेबिट कार्ड एक्टिव होना चाहिए। कई बैंक यह नियम रखते हैं कि दुर्घटना से पहले निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्ड से कम से कम एक ट्रांजेक्शन हुआ होना चाहिए। कुछ बैंक पिछले 60 दिनों में POS या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की शर्त रखते हैं। जबकि कुछ 90 दिनों के भीतर एक लेन-देन अनिवार्य करते हैं। अगर कार्ड लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया, तो बीमा कवर लागू नहीं होगा।
रोजमर्रा के खर्च से रखें कार्ड एक्टिव
बीमा का लाभ पाने के लिए जरूरी है कि आप अपने बिजली बिल, मोबाइल रिचार्ज, पेट्रोल भुगतान या किराने की खरीदारी जैसे छोटे खर्च भी डेबिट कार्ड से करते रहें। इससे आपका कार्ड एक्टिव बना रहेगा और जरूरत पड़ने पर बीमा क्लेम में कोई समस्या नहीं आएगी।
कितना मिलता है बीमा कवर?
बीमा राशि आपके कार्ड की श्रेणी पर निर्भर करती है।
- क्लासिक कार्ड – लगभग 1 लाख रुपये तक
- प्लेटिनम या प्रीमियम कार्ड – 2 से 5 लाख रुपये तक
- हाई-एंड कार्ड – 10 लाख रुपये तक
इसलिए अपने बैंक से अपने कार्ड की कैटेगरी और उससे जुड़े नियमों की जानकारी जरूर लें।
क्लेम कैसे करें?
अगर कार्डधारक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है, तो नामित व्यक्ति यानी नॉमिनी को निर्धारित समय के भीतर बैंक को सूचना देनी होती है। आमतौर पर 30 से 60 दिनों के अंदर क्लेम फाइल करना जरूरी होता है। हालांकि हर बैंक की समय सीमा अलग हो सकती है।
क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज
क्लेम करते समय आमतौर पर निम्न दस्तावेज मांगे जाते हैं:
- सही तरीके से भरा हुआ क्लेम फॉर्म
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट (यदि लागू हो)
- दुर्घटना की स्थिति में एफआईआर की कॉपी
- नॉमिनी के KYC दस्तावेज
- पिछले महीनों का बैंक स्टेटमेंट (कार्ड एक्टिव होने का प्रमाण)
अगर नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो लीगल हेयर सर्टिफिकेट भी मांगा जा सकता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- अपने बैंक रिकॉर्ड में नॉमिनी जरूर दर्ज कराएं।
- समय-समय पर कार्ड से ट्रांजेक्शन करते रहें।
- बीमा शर्तों की जानकारी बैंक की वेबसाइट या शाखा से लें।
छोटी सी लापरवाही से बड़ा लाभ छूट सकता है।






