School Holidays 2026: होली 2026 छात्रों के लिए उत्साह और आराम दोनों लेकर आई है। एक ओर रंगों का त्योहार है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में घोषित स्कूल अवकाश। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2 मार्च से 4 मार्च 2026 तक सरकारी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है, जिससे छात्रों को लगातार आराम का मौका मिलेगा। 1 मार्च को रविवार पड़ने से यूपी के छात्रों को कुल चार दिनों का लंबा ब्रेक मिल रहा है। यह फैसला त्योहार के महत्व को देखते हुए लिया गया है।
यूपी में 4 दिन का लंबा वीकेंड
उत्तर प्रदेश के गजेटेड कैलेंडर 2026 के अनुसार 2 और 3 मार्च को होलिका दहन के उपलक्ष्य में और 4 मार्च को मुख्य होली के अवसर पर स्कूल बंद रहेंगे। नियमित कक्षाएं 5 मार्च से शुरू होंगी। इस निर्णय से छात्रों और शिक्षकों को परिवार के साथ त्योहार मनाने का पूरा अवसर मिलेगा। लगातार चार दिनों की छुट्टी को देखते हुए कई परिवार छोटे ट्रिप या रिश्तेदारों से मिलने की योजना भी बना सकते हैं।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब का अपडेट
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 4 मार्च 2026 को होली के दिन स्कूलों में अवकाश रहेगा। दिल्ली के कई स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। लेकिन होली के दिन कोई परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। राज्य सरकारों ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दिन शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।
बिहार और झारखंड में दो दिन की छुट्टी
बिहार और झारखंड में शिक्षा विभाग की ओर से 3 और 4 मार्च को अवकाश की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में होली दो दिनों तक अलग-अलग परंपराओं के अनुसार मनाई जाती है। इसलिए स्कूलों में दो दिन का ब्रेक दिया जा सकता है। हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए छात्रों को अपने स्कूल से जानकारी लेना जरूरी है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्थिति
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी 2 और 3 मार्च के आसपास स्कूल बंद रहने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार छुट्टियां घोषित की जाएंगी। इन राज्यों में होली का उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इसलिए अवकाश का दायरा व्यापक हो सकता है।
असम में ‘डोल जात्रा’ की छुट्टी
असम में होली को ‘डोल जात्रा’ या ‘दौल उत्सव’ के नाम से मनाया जाता है। यहां 3 मार्च को स्कूलों में अवकाश रहेगा। उत्तर-पूर्वी राज्यों में त्योहार की तिथियां स्थानीय परंपराओं के अनुसार तय की जाती हैं।
होली का सांस्कृतिक महत्व
होली भारत का प्रमुख त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलिका दहन की परंपरा प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा से जुड़ी है। अगले दिन रंगों से खेलकर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और सामाजिक मेलजोल बढ़ाते हैं। इस तरह यह त्योहार सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देता है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह
छात्रों को सलाह दी जाती है कि छुट्टियों की सही तारीखों के लिए अपने स्कूल की आधिकारिक सूचना देखें। हर राज्य में अवकाश की अवधि अलग हो सकती है। त्योहार के साथ पढ़ाई का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। खासकर जिन छात्रों की परीक्षाएं नजदीक हैं।
लंबी छुट्टियों का लाभ
लगातार छुट्टियों से बच्चों को पढ़ाई के दबाव से राहत मिलती है। साथ ही वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझ पाते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का यह अच्छा मौका होता है।






